न्यूज़

साहब! मुझे नहीं लगने वाली फांसी

Salim Says I Am Not Going To Be Hanged So Early Prayagraj News

खूनी शबनम की फांसी फिर टल जाने के बाद उसके प्रेमिका अमरोहा जिले के हसनपुर क्षेत्रके गांव बावनखेड़ी में प्रेमिका शबनम के साथ मिलकर उसके परिवार के सात लोगों को निर्ममता से मौत के घाट उतारने वाला सलीम फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद भी बेफिक्र है| उसका कहना है कि काहे परेशान हो रहे हो, इतनी जल्दी मुझे न लगेगी फांसी वासी, यहां ऐसे थोड़े फांसी लग जाती है|

सलीम ने और शबनम ने शबनम के माता-पिता, दो भाई, एक भाभी, रिश्ते की बहन और अपने दस महीने के भतीजे को कुल्हाड़ी से काट डाला था| आज भी वह जेल में साथी बंदियों को बताता है| अब तो तुम्हें फांसी होकर रहेगी, तो उसने यह जवाब दिया कि यहां बचने के इतने विकल्प है कि फांसी होने में वर्षों लग जाएंगे| परेशान मत होइए साहब, हमें इतनी जल्दी कुछ नहीं होने वाला है|

जब उसकी प्रेमिका शबनम की दया याचिका राष्ट्रपति के यहां से खारिज हुई तो वह बेचैन हो गया था, लेकिन जैसे ही उसकी फांसी की तारीख एक बार आगे बढ़ी वह फिर से पुराने ढर्रे पर आ गया और शायरी लिखने लगा|

सलीम को 27 सितम्बर 2018 को प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल लाया गया था| इससे पहले वो बरेली जेल में बंद था| बरेली की जेल में फांसी की सुविधा नहीं होने की वजह से सलीम को यहां शिफ्ट किया गया था| सलीम जब बरेली की जेल में था तो उस वक़्त वहां के प्रभारी पीएन पांडेय ही थे, जो इस समय नैनी सेंट्रल जेल के सीनियर सुप्रीटेंडेंट हैं|