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न जाने कौन सा नशा करते हैं ?

Kangana Ranaut's statement India got freedom in 2014 She insulted freedom fighters

बॉलीवुड और ड्रग के कनेक्शन के बारे में अब तो सब जानते हैं| अभिनेता सुशांत सिंह राजपुत की मौत के बाद चकाचौंध से भरी मायानगरी के पीछे की काली सच्चाई सामने आई| लेकिन लगता है वहां नशा इस कदर फ़ैल गया है कि लोग बिना नशा किये ही नशेबाजों जैसे बात करते हैं| अब बात अभिनेत्री कंगना रनौत की ही ले लेते हैं| हाँ वहीँ कंगना जिन्हें हाल ही में पद्मश्री मिला है| सरकार से इतना बड़ा सम्मान मिलने के बाद अभिनेत्री इस बिना नशा किये ही नशे में ऐसी चूर हो गईं कि उन्होंने चाटुकारिता की सारी हदें पार कर दी|

देश को कब मिली आज़ादी ?

देश का बच्चा-बच्चा भी जानता है कि देश को आज़ादी कब मिली, लेकिन शायद पद्मश्री से नवाजी गईं कंगना यह नहीं जानती| इसीलिए तो वह देश को नया पाठ पढ़ा रही हैं| उनका कहना है कि देश 1947 में  नहीं बल्कि साल 2014 में आज़ाद हुआ था| अभिनेत्री का मानना है कि  जब मोदी सरकार बनी थी, तब जाकर देश आज़ाद हुआ था|

हमेशा से विवादों में रहने वाली अभिनेत्री कंगना रनौत ने यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि भारत को ‘1947 में आजादी नहीं, बल्कि भीख मिली थी और जो आजादी मिली है वह 2014 में मिली, जब नरेंद्र मोदी सरकार सत्ता में आई। पहले भी विवादास्पद बयान देती रहीं कंगना अपने इस बयान से एक बार फिर विवाद में पड़ गयी हैं| अब इस बयान के बाद नया विवाद शुरू हो गया है|

महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने आगे कहा कि ऐसा लगता है कि इस तरह का बयान देने से पहले कि भारत को 2014 में आजादी मिली थी, कंगना रनौत ने मलाणा क्रीम (हशीश की एक विशेष किस्म, जो विशेष रूप से हिमाचल प्रदेश में उगती है) की हेवी डोज ली थी| बता दें कि इससे पहले वरुण गांधी से लेकर कई नेता कंगना रनौत की आलोचना कर चुके हैं|