न्यूज़

कोरोना के बीच महाकुम्भ का श्रीगणेश

Haridwar Maha Kumbh 2021

श्रद्धालुओं के लिए सख्ती

आज से हरिद्वार में महाकुंभ-2021 की शुरुआत हो गई है| यह महाकुम्भ (Haridwar Maha Kumbh 2021) पूरे महीने चलेगा| महाकुंभ में गंगा में डुबकी लगाने से पहले श्रद्धालुओं को कोविड-19 की 72 घंटे पहले तक की आरटीपीसीआर निगेटिव रिपोर्ट दिखानी होगी| या फिर भक्तजन वैक्सीन लगाने के बाद भी वहां दस्तावेज दिखाकर एंट्री ले सकते हैं|

प्रशासन की विशेष नज़र

कोरोना को देखते हुए लोगों पर प्रशासन की नज़र बनी रहेगी| जिले के सभी बॉर्डर और मेला क्षेत्र (Haridwar Maha Kumbh 2021) में स्वास्थ्य विभाग श्रद्धालुओं की रैंडम सैंपलिंग करेगा|  धर्मशालाओं और होटलों में बिना कोविड निगेटिव रिपोर्ट के श्रद्धालु नहीं ठहर पाएंगे| कोविड के लिहाज से अतिसंवेदनशील 12 राज्यों से आने वाले यात्रियों की राज्य सीमा पर अनिवार्य रूप से कोरोना जांच की जाएगी| संक्रमण की पुष्टि होने पर यात्री और उसके पूरे समूह को लौटा दिया जाएगा|

आरटीपीसीआर रिपोर्ट न होने पर सीमा पर इन राज्यों से आने वालों समूहों या परिवारों में से दो लोगों की एंटीजन जांच होगी| किसी के भी पॉजिटिव आने पर समूह को लौटा दिया जाएगा|  सीएमओ डा. एसके झा ने बताया कि राज्य सीमा, रेलवे स्टेशन और बस अड्डे समेत 11 स्थानों पर 33 जांच टीमें लगाई गई हैं|  वहीं, श्रद्धालुओं के सीधे संपर्क में आने तीर्थ पुरोहितों, व्यापारियों, धर्मशाला और होटल संचालकों की आरटीपीसीआर जांच की जाएगी| स्नान करने के लिए आने वाले श्रद्घालुओं को गोलों में खड़े करवाकर शारीरिक दूरी का पालन कराया जा सके|

सिंचाई कार्यमंडल हरिद्वार के अधीक्षण अभियंता मनोज कुमार सिंह ने बताया कि गोले बनाने के लिए तीन लाख 87 हजार रुपये का बजट स्वीकृत हुआ है| गोले बनाने का काम शुरू कर दिया गया है| स्वीकृत बजट से हरकी पैड़ी क्षेत्र से लेकर ऋषिकेश समेत अधिक से अधिक गंगा घाटों पर गोले बनवाए जाएंगे|  घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं के जूते चप्पल पहनकर आने पर प्रतिबंध लगा दिया है| 

Add Comment

Click here to post a comment