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क्या मानसिक रूप से बीमार है दिल्ली सरकार ?

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Delhi Massage Center पर दिल्ली सरकार को दिल्ली HC की नसीहत

दिल्ली की केजरीवाल सरकार अपने आप को जनता की सरकार बताती है| महिलाओं के लिए बसों का किराया माफ़ करने के अपने फैसले का हमेशा गुणगान करने वाली दिल्ली सरकार को मसाज सेंटर (Delhi Massage Center ) में क्रॉस जेंडर मसाज की अपनी आपत्ति पर मात खानी पड़ी | दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को अपनी मानसिकता सुधारने को नसीहत दे डाली| इस मामले में सरकार पर महिलाओं का हक़ छीनने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं |

अपने लोगों को रोकें सरकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली में सत्तारूढ़ सरकार से कहा कि शहर में क्रास-जेंडर मसाज (Delhi Massage Center ) पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाना चाहिए| इस सम्बन्ध में कार्यवाही करने से परहेज करें|दिल्ली हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि क्रास-जेंडर मसाज का कहीं से भी ये मतलब नहीं निकाला जा सकता कि ऐसी सेवाएं केवल यौन गतिविधि के अस्तित्व का संकेत देती है| आप अपने लोगों को रोकें। मैं यह नहीं कह रही हूं कि आपको अवैध गतिविधियां नहीं रोकनी चाहिए| कोर्ट के इस फैसले से दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार को तगड़ा झटका लगा|

महिलाओं का अधिकार छीन रही केजरीवाल सरकार ?

Association of Wellness Ayurveda & Spa (AWAS) के प्रेसिडेंट ने भी दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले का समर्थन किया| उन्होंने कहा कि जो लोग लाइसेंस लेकर स्पा चला रहे हैं वहां क्रास-जेंडर मसाज पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग दिल्ली सरकार की मानसिकता दर्शाती है| ऐसे करने से उन महिलाओं के काम पर असर होगा जो स्वेच्छा से इस काम को करना चाहती हैं| ठीक वैसे ही जैसे अस्पताल में एक नर्स महिला और पुरुष दोनों की देखभाल करती हैं|

यह महिलाओं का मौलिक अधिकार है कि यदि वे अपनी इच्छा से स्पा सेंटर में काम करना चाहती हैं तो करें| इसके साथ ही Association of Wellness Ayurveda & Spa (AWAS) के प्रेसिडेंट ने दिल्ली सरकार से गुजारिश की कि यदि केजरीवाल सरकार कार्यवाही करना ही चाहती हैं तो ऐसे स्पा सेंटर्स पर करें जो अवैध रूप से चल रहे हैं, ना कि उन पर जो सभी नियमों का पालन करके चलाए जा रहे हैं|

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