न्यूज़

Bank Strike News : बैंक हड़ताल के दिन पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की याद

Bank Strike News Why people remembering former prime minister indira Gandhi

सरकारी बैंकों के निजीकरण के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने दो दिन की हड़ताल का आह्वान किया है| इस हड़ताल में 10 लाख बैंक कर्मचारी और अधिकारी भाग ले रहे हैं| इस हड़ताल का असर सरकारी बैंकों के कामकाज पर दिखाई दे रहा है| लेकिन इसी बीच पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी को याद किया जा रहा है|  पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने साल 1969 में बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था|

14 निजी बैंकों का हुआ था राष्ट्रीयकरण

19 जुलाई, 1969 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 14 निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था, लेकिन अब उन बैंकों के निजीकरण की बात चल रही है| जिसका लगातार विरोध हो रहा है|



जिन बओंकों का राष्ट्रीयकरण किया गया था, उन्हें उस वक्त देश के बड़े औद्योगिक घराने चला रहे थे| इन बैंकों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नैशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, देना बैंक, यूको बैंक, केनरा बैंक, यूनाइटेड बैंक, सिंडिकेट बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इलाहाबाद बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक तथा बैंक ऑफ महाराष्ट्र शामिल थे|


प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कहा था कि बैंकिंग को ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाना बेहद जरूरी है, इसलिए यह कदम उठाना पड़ रहा है| तब उन पर आरोप लगाए जा रहे थे कि उन्होंने अपने राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा किया|  प्रधानमंत्री के तत्कालीन प्रधान सचिव पी एन हक्सर निजी बैंकों के राष्ट्रीयकरण के फैसले के क्रियान्वयन का जिम्मा संभाल रहे थे, लेकिन अन्य बड़े अधिकारियों को पहले इस फैसले से दूर रखा गया था| प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी के इस फैसले से वित्त मंत्री मोरारजी देसाई बेहद नाराज थे| उन्होंने यह फैसला होने के एक सप्ताह के भीटर वित्त मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था| इस वक्त अब देश में बैंकों का निजीकरण करने की बात कही जा रही है, जिससे भी लोग खफा है| सरकार के खिलाफ कई लोग लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं|

Add Comment

Click here to post a comment